"यह सच है कि ज़िन्दगी आसां नहीं है"

यह सच है कि ज़िन्दगी आसां नहीं है

हार जाना मुश्किलों से मेरी शान नहीं हैं

बाँट रहा आज जो, इंसान को इंसान से

मेरे धर्म मे आता ये गीता-कुरान नही है

चंद लम्हों के लिये बिक जाये जमीर

मेरे दोस्त वो तुम्हारी पहचान नही है

इस शहर मे जिन्दा लाश बहूत मिलंगे

चलते तो हैं पर किसी मे जान नही है

कब तक खेलेगी "गरिमा" अरमानों की होली

सुन सके तुझे ऐसा कोई भगवान नही है

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