| कविता | आसु क लेप् | अनिल् | 2 | 4 सप्ताह 3 दिन पहले |
| कविता | मीथे आसु | अनिल् | 2 | 4 सप्ताह 4 दिन पहले |
| कविता | तिमिर से लड़ते दीपक का अथक विश्वास देखा था | आर.सी.शर्मा-आरसी | 1 | 13 सप्ताह 2 दिन पहले |
| कविता | कोई मुझको याद करेगा क्यु... | अभि | 1 | 13 सप्ताह 3 दिन पहले |
| कविता | आसु का लेप् | अनिल् | 1 | 13 सप्ताह 3 दिन पहले |
| कविता | मौन व्रत ले के बैठे हों सम्वाद जब | आर.सी.शर्मा-आरसी | 1 | 16 सप्ताह 2 दिन पहले |
| कविता | दुनिया तेरे बगेर वीरानी लगती हे | अभि | 1 | 16 सप्ताह 3 दिन पहले |
| कविता | इन अदओ को हम् तेरी पल्को का इसारा केह्ते हे.... | अभि | 1 | 24 सप्ताह 2 दिन पहले |
| कविता | तेरा प्यार हूँ | विश्वदीपक | 3 | १ साल 24 सप्ताह पहले |
| कविता | "यह सच है कि ज़िन्दगी आसां नहीं है" | गरिमा | 1 | १ साल 24 सप्ताह पहले |
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